Johar Ki Namaz Ka Tarika Hindi Me | जोहर की नमाज़ का तरीका हिंदी में

Last updated on मार्च 18th, 2023 at 03:50 अपराह्न

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दोस्तों इस पोस्ट में हमने Johar Ki Namaz Ka Tarika हिंदी में बताया है।

अगर आपको जोहर की नमाज़ का तरीका नहीं पता है तो आप आसानी के साथ इस पोस्ट को पढ़कर जोहर की नमाज़ का पूरा तरीका सीख सकते हैं।

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जुहर की नमाज़ की रकात | Zohar Ki Namaz Ki Rakat

आपको बताते चलें कि जोहर की नमाज़ (Zohar Ki Namaz) में कुल 12 रकअत होती हैं। 4 सुन्नत, उसके बाद 4 फ़र्ज़, फिर 2 सुन्नत और 2 नफ़्ल।

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यहाँ सुन्नत, फ़र्ज़ और नफ्ल पढ़ते वक़्त सिर्फ नियत बदलेगी, मगर नमाज़ पढ़ने का तरीका वही रहेगा।

सबसे पहले हम Zohar Ki 4 Rakat Sunnat Namaz Ka Tarika सीख लेते हैं।

क्या आपको वजू का मुकम्मल तरीका मालूम है अगर नहीं तो जानें: – Wazu Ka Tarika Hindi Me

जोहर की 4 सुन्नत नमाज़ का तरीका | Johar Ki Namaz Ka Tarika

यहाँ नीचे हमने जोहर की 4 रकात सुन्नत नमाज़ का तरीका हिंदी में बताया है।

अगर आपको जोहर की नमाज़ का तरीका नहीं पता है तो आप आसानी के साथ Johar Ki Namaz Ke Tarika को सीख सकते हैं और सही से Zohar Ki Namaz पढ़ सकते हैं।

पहली सुन्नत रकात

👉 1. नमाजे जोहर (Zohar Ki Namaz) की चार सुन्नत की नियत: – “नियत करता हूँ मैं, चार रकअत नमाज़ सुन्नत, वास्ते अल्लाह तआला के, वक्त जोहर, मुँह मेरा काबे शरीफ़ की तरफ़, अल्लाहु-अकबर।”

👉 2. जब आप तकबीर (अल्लाहु-अकबर) कहेंगे उस वक़्त हमें हाथ बाँध लेना है और फिर सबसे पहले हम सना पढ़ेंगे।

सना इस तरह पढ़ना है “सुबहाना कल्ला हुम्मा व बिहम्दिका व तबारा कस्मुका व त’आला जद्दुका वला इलाहा गैरुका

👉 3. इसके बाद अउजू बिल्लाहि मिनश शैतान निर्रजिम, बिस्मिल्लाही र्रहमानिर रहीम. पढेंगे।

👉 4. यह पढ़ने के बाद सूरह फातिहा पढेंगे और सूरह फातिहा के बाद क़ुरान शरीफ की कोई भी सूरत जो आपको याद हो वो पढेंगे।

जब आप सूरह को पूरी पढ़ लेंगे, तब अल्लाहु-अकबर (Takbeer) कहते हुए रुकू में जायेंगे।

आप रुकू में अपने हाथों की उँगलियों से घुटनों को मजबूत पकड़ लेंगे।

अपनी उंगलियाँ को घुटनों पर फैला कर रखेंगे और इतना झुकेंगे कि आपका सिर और कमर बराबर हो जायें।

रुकू का तरीका

👉 5. रुकू की हालत में ही अल्लाह की तस्बीह सुबहान रब्बी अल अज़ीम 3 या 5 या 7 बार इत्मीनान के साथ पढेंगे। आपको ख्याल रहे कि रुकू में निगाहें पैरो के अंगूंठो पर रहें।

👉 6. इसके बाद आपको *समीअल्लाहु लिमन हमीदह* कहते हुए रुकू से खड़े हो जाना है।

सजदे का तरीका

खड़े होने के बाद रब्बना व लकल हम्द कहेंगे और फिर अल्लाहु-अकबर कहकर सज्दे में जायेंगे।

सजदे में जाते वक़्त आप सबसे पहले हाथ घुटनों पर रखेंगे और फिर अपने घुटने जमीन पर टिकाएंगे, उसके बाद हाथ जमीन पर रखकर अपनी नाक जमीन पर टेकेंगे।

नाक जमीन पर टेंकने के बाद आप अपनी पेशानी जमीन पर जमाएंगे, और अपने चेहरे को दोनों हाथों के दरमियान रखेंगे।

मर्द अपने हाथों की हथेलियों को ही जमीन पर जमायिंगे और कोहनी वगैरह ऊँची उठी रखेंगे।

मर्दों को इस बात का ख्याल रखना है कि उनका पेट उनकी जांघों से न छुए।

यानी पेट को अपनी रानो से दूर रखना है और दोनों पांव की उँगलियो के पेट क़िब्ला रुख ज़मीन पर जमे रखना है।

👉 7. सज्दे में जाने के बाद आप अल्लाह की तस्बीह सुबहान रब्बी अल आला, 3 या 5 या 7 मर्तबा इत्मीनान के साथ पढेंगे।

👉 8. फिर अल्लाहु-अकबर कहते हुए सजदे से उठकर सीधे बैठ जायेंगे।

जब सजदे से उठकर बैठेंगे तो सीधे पैर की उंगलिया हिलनी नहीं चाहिए मतलब क़िबला रुख ही मुड़ी हुई रहे और उलटे पैर को सीधे पैर की जानिब मोड़ के बैठें।

👉 9. फिर दोबारा अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जायेंगे। अब आपको यहाँ फिर से उलटे पैर की ऊँगलीया क़िब्ला रुख करनी हैं।

👉 10. सज्दे में आप फिर से अल्लाह की वही तस्बीह सुबहान रब्बी अल आला 3 या 5 या 7 बार पढेंगे।

इस तरह आपकी एक (1 ) रकअत पूरी हो जाएगी।

दूसरी सुन्नत रकात | johar ki namaz ka tarika

👉 12. फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए आप दूसरी रकात के लिए खड़े हो जाएंगे और अपने हाथ बांध लेंगे।

फिर से आप अल्हम्दु शरीफ पढ़ेंगे उसके बाद कुरआन की कोई भी सूरत जो आपको याद हो वो पढ़ेंगे।

फिर से वही अल्लाहु अकबर कहते हुए रुकू में जाएंगे।

फिर *समीअल्लाहु लिमन हमीदह * कहते हुए रुकू से खड़े हो जायेंगे।

इसके बाद “रब्बना व लकल हम्द” कहेंगे, और फिर अल्लाहु-अकबर कहते हुए सज्दे में जायेंगे।

👉 13. सज्दे में फिर से अल्लाह की तस्बीह सुबहान रब्बी अल आला 3 या 5 या 7 बार पढेंगे।

👉 14. फिर अल्लाहु-अकबर कहकर सजदे से उठकर बैठ जायेंगे और फिर दोबारा अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जायेंगे।

सज्दे में आप फिर से अल्लाह की वही तस्बीह सुबहान रब्बी अल आला 3 या 5 या 7 बार पढेंगे।

फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए बैठ जायिंगे।( बैठने का तरीका पहली रकअत जैसा ही है।) अब बैठे हुए ही आप अत्तहिय्यात पढेंगे।

अत्तहिय्यात: –

“अत्ताहियातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तैयिबातू अस्सलामु अलैका अय्युहन नबिय्यु व रहमतुल्लाही व बरकताहू अस्सलामु अलैना व अला इबादिल्लाहिस सालिहीन अशहदु अल्ला इलाहा इल्ललाहू व अशहदु अन्न मुहम्मदन अब्दुहु व रसुलहू”

📌 नोट: - अशहदु अल्ला {ला} पर सीधे हाथ की शहादत की ऊँगली इस तरह उठाना है कि अंगूठा और बीच की सबसे बड़ी वाली उंगली के पेट दोनों को आपस में मिलाना है, और शहादत की ऊँगली ऊपर करना है।

तीसरी सुन्नत रकात

👉 16. जब आप पूरी अत्तहिय्यात पढ़ लेंगे तब आप तीसरी रकअत के लिए खड़े हो जाएंगे।

📌 नोट: - अगर आपने गलती से अत्तहिय्यात के बाद दरूद शरीफ या दुआ पढ़ ली और आपको तीसरी रकत का पढ़ना याद आ गया तो सजदा सहु करना होगा।

👉 17. तीसरी रकात भी आपको पहली रकात की तरह पढ़ना है।

चौथी सुन्नत रकात

👉 18. जब चार रकअत पूरी हो जाए तो फिर से अत्तहिय्यात, दरूद और दुआ ए मसुरा पढ़ेंगे और सलाम फेरेंगे।

जब आप पहला सलाम फेरेंगे तो पहले सीधे कंधे की तरफ निगाहें झुकी हुई रहेंगी, उसके बाद फिर बायीं तरफ यानी उलटे कंधे की जानिब निगाहें रखकर सलाम फेरेंगे।

सलाम के अल्फ़ाज़ इस तरह होंगे: – अस्सलामो अलैकुम व रहमतुल्लाह

इस तरह आपकी जोहर की चार रकाअत सुन्नत नमाज़ मुकम्मल हो जायेगी।

यह भी जरूर पढ़ें: – Fajar Ki Namaz Ka Tarika Hindi Me

जोहर की 4 फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ने का तरीका | Johar Ki 4 Farj Namaz Ka Tarika

नमाजे जोहर (Zohar Ki Namaz) की चार फ़र्ज़ नमाज़ की निय्यत इस तरह करेंगे: –

“नियत करता हूँ मैं चार रकअत नमाज़ फ़र्ज़, वास्ते अल्लाह तआला के, वक्त जोहर, पीछे इस इमाम के, मुँह मेरा काबे शरीफ़ की तरफ़, अल्लाहु-अकबर”

📌 नोट: - अगर अकेले पढ़ें या नमाज़ घर पर पढ़ें, तो इमाम के पीछे ना कहें और फ़र्ज़ की नियत करके जैसी सुन्नत नमाज़ पढ़ी थी वैसी ही फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ें। यहाँ नीचे हमने फ़र्ज़ नमाज़ जमआत के साथ इमाम के पीछे पढ़ने का तरीका बताया है।

पहली फ़र्ज रकात

🍁 1. जब इमाम साहब अल्लाहु अकबर कहकर हाथ बांधेंगे, तब हमें भी नियत करके हाथ बाँध लेना है।

🍁 2. हाथ बांध लेने के बाद आपको सिर्फ मन ही मन में सना पढ़नी है और फिर बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़कर ख़ामोशी के साथ खड़े रहना है और निगाहें सजदे की जगह रखनी हैं।

🍁 3. अब इमाम साहब मन ही मन में सूरह फातिहा पढेंगे और उसके बाद कोई भी क़ुरान शरीफ की सूरत पढ़ेंगे। जिसकी आवाज़ हमें नहीं आएगी।

🍁 4. हमें सिर्फ चुपचाप खड़े रहना और जैसे ही इमाम साहब अल्लाहुअकबर कहके रुकू में जायेंगे, तब हम भी रुकू में चले जाएंगे।

फिर इमाम साहब “समीअल्लाहु लिमन हमीदह” कहते हुए रुकू से खड़े हो जाएंगे, तब हमें भी “रब्बना व लकल हम्द ( मन में )” कहते हुए खड़े हो जाना है।

🍁 5. उसके बाद इमाम साहब अल्लाहु अकबर कहते हुए सजदे में जाएंगे, तो उनके पीछे-पीछे हमें भी सजदे में जाना है और हम सजदे की तस्बीह पढेंगे।

फिर अल्लाहुअकबर कहकर इमाम साहब सजदे से उठकर बैठेंगे, तो हमें भी बेठ जाना है।

🍁 7. दूसरी बार फिर इमाम साहब अल्लाहुअकबर कहते हुए सजदे में जाएंगे, तो उनके पीछे-पीछे हमें भी सजदे में जाना है और सजदे की तस्बीह पढ़ना है।

🍁 8. फिर इमाम साहब अल्लाहुअकबर कहते हुए खड़े हो जाएंगे, तब हमें भी खड़े हो जाना है।

इस तरह एक रकआत पूरी हो जायेगी और इसी तरह हमें दूसरी रकअत भी पूरी करना है।

दूसरी फ़र्ज रकात

🍁 9. दूसरी रकात के आखिर में इमाम शाहब तशहुद में बैठेंगे तो हमें भी तशहुद में बैठ जाना है और ख़ामोशी से अत्तहियात पढ़ना है।

तीसरी फ़र्ज रकात

🍁 10. फिर इमाम साहब अल्लाहुअकबर कहकर तीसरी रक’अत पढ़ने के लिए उठ कर खड़े हो जाएंगे।

तो हमें भी खड़े हो जाना है और जैसे-जैसे इमाम साहब बाकी की रकात पढ़ेंगे, ठीक वैसे ही उनके पीछे हमें नमाज़ पढ़नी है।

चौथी फ़र्ज रकात

🍁 11. रुकू के बाद दो सज्दे करके चौथी रक’आत के लिए खड़े हो जायेंगे।

चौथी रकात बाकी की रकात की तरह पढ़ेंगे, लेकिन चौथी रक’अत पढेंने के बाद इमाम शाहब तशहुद में बैठेंगे, तो आप भी तशहुद में बैठ जायिंगे।

🍁 12. तशहुद उसी तरह पढ़ना है जैसा ऊपर सिखाया गया है और अत्ताहियात, दरूद और दुआ ए मसुरा पढ़ने के बाद इमाम साहब सलाम फेरेंगे तो हमें भी उनके बाद सलाम फेरना है।

इस तरह जोहर की चार फ़र्ज़ नमाज़ मुकम्मल हो गई।

नोट: - हाँ, अगर अकेले नमाज़ पढ़ रहे हो तो पहली दो रकअत में सूरह फातिहा के बाद कोई भी सूरह पढ़ेंगे जो भी याद हो, और बाद की दो रकाअत में सिर्फ सुरह फातिहा पढ़ेंगे।

जोहर की 2 सुन्नत नमाज़ का तरीका | Johar ki 2 sunnat namaz ka tarika

नमाजे जोहर ( Zohar Ki Namaz ) की दो सुन्नत की निय्यत: –

“नियत करता हूँ मैं दो रकअत नमाज़ सुन्नत, वास्ते अल्लाह तआला के, वक्त जोहर, मुँह मेरा काबे शरीफ़ की तरफ़, अल्लाहु-अकबर।”

अल्लाहु-अकबर कहकर हम हाथ बाँध लेंगे। फिर सबसे पहले हम सना पढ़ेंगे। इसके बाद अउजू बिल्लाहि मिनश शैतान निर्रजिम. बिस्मिल्लाही र्रहमानिर रहीम. पढेंगे।

इतना पढ़ने के बाद दोनों रकअतों में सुरह फातिहा पढ़ेंगे और सुरह फातिहा के बाद कोई भी क़ुरान शरीफ की सूरत जो आपको याद हो वो पढ़ेंगे।

तशहुद में अत्ताहियात, दरूद और दुआ ए मसुरा पढ़ने के बाद सलाम फेरना है।

जोहर की दो नफ़्ल पढ़ने का तरीका | Johar Ki 2 Nafal Namaz Ka Tarika

नमाजे जोहर ( Zohar Ki Namaz) की दो नफ़्ल की निय्यत: – “नियत की मैंने दो रकअत नमाज़ निफ़्ल की, वास्ते अल्लाह तआला के, वक्त जोहर का, मुह मेरा काबे शरीफ़ की तरफ़, अल्लाहु-अकबर”

अल्लाहु-अकबर कहकर हमें हाथ बाँध लेना है। फिर सबसे पहले हम सना पढ़ेंगे और जिस तरह जोहर की दो सुन्नत पढ़ी थी वैसे ही दो रकअत नफ़्ल पूरी करेंगे।

और इस तरह जोहर की 12 रकआत मुकम्मल होगी।

जोहर की नमाज़ से जुड़े कुछ सवाल और जवाब

प्रश्न 1: – Zohar Ki Namaz में कितनी रकात होती हैं?

उत्तर: – जोहर की नमाज़ में कुल 12 रकात होती हैं।

प्रश्न 2: – ज़ुहर की नमाज़ कितने बजे तक पढ़ सकते हैं?

उत्तर: -जुहर की नमाज़ अदा करने का वक़्त सूरज के अपने चरम पर जाने के बाद शुरू होता है और अस्र की नमाज़ अदा करने तक रहता है। जोहर की नमाज़ का वक़्त लगभग दोपहर के 1:00 से शुरू होकर असर की नमाज़ तक रहता है।

प्रश्न 3: – जोहर में कितनी रकात होती हैं?

उत्तर: -जोहर की नमाज़ में 4 रकात सुन्नत, फिर 4 रकात फ़र्ज़, फिर 2 रकात सुन्नत, फिर 2 रकात नफ्ल नमाज़ होती हैं।

प्रश्न 4: – जोहर की अज़ान कितने बजे होती है?

उत्तर: -जोहर की अज़ान दोपहर के 1 बजे होती है। कहीं-कहीं 1:30 या 1:45 पर भी होती है, और जुमे के दिन 12:30 बजे होती है।

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